छोटा सा इनोवेटिव आइडिया भी कर जाता है कमाल, कैसे 1 रुपए की कैंडी कर गया मालामाल

हैल्लो दोस्तों, GAZZABBRO में आपका फिर से स्वागत है आज के समय में ऐसा कौन होगा जो अपने जीवन में एक सफल इन्सान नहीं बनना चाहेगा सभी को सफलता का स्वाद चखने का शौक है अपनी Lifestyle को स्टैण्डर्ड बनाने के लिए सफल होना जरुरी है, कभी कभी कोई आइडिया जो हमें बेहद छोटा सा लगता है या कभी वह आइडिया बेकार सा लगता है वह भी कमाल कर सकता है.

बहुत बार ऐसा होता है की अपने आसपास के माहौल Situation को देखकर न जाने हमारे Mind में अचानक से किसी आइडिया का जन्म हो जाता है यानि हमारा दिमाग उस माहौल के बीच कुछ सोचने लगता है. लेकिन फिर हम उस Idea के बारे में गहराई से नहीं सोचते और उस Idea को Drop कर देते हैं जबकि आपने देखा होगा छोटा लगने वाला काम आज बहुत बड़ा कमाल दिखा रहा है चाहे आप एक Clipper को ही ले लीजिए जरा Deep में जाकर उसके बारे में सोंचिए, किसने उस Clipper के बारे में सोंचा होगा अगर जिस व्यक्ति के दिमाग में यह आइडिया आया था वह अगर उसे उस समय ड्राप कर दिया होता तो क्या आप कभी Clipper को जानते, बात साफ़ है नहीं !

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India की आबादी सौ करोड़ से ऊपर है और इस आबादी का करीब 90 प्रतिशत लोगों को एक रुपए कोई बड़ी बात नहीं लगती इस एक 1 रुपए को कोई किसी भिखारी को दान दे देता है तो कोई इस 1 रुपए को पेट्रोल पम्प, किसी दुकान, रेलवे टिकट, ऑटो वाले या बस किसी भी का सुविधा लेने के समय अगर चिल्हर की कमी की वजह से उसे Return में एक रूपये नहीं मिलता तो वह उसे छोड़ देता है क्योंकि उसे उस एक रुपए से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला ।

दोस्तों Creative माइंड वाले हमेशा कुछ न कुछ अलग सोंचते रहते हैं जिसके बारे में कोई दूसरा सोंचना ही नहीं चाहता उसके बारे में वे सोंचते रहते हैं जो दूसरों को दिखाई नहीं देता वह Creative Minded बंदा उसे देखता है आपको भले ही एक रुपए की कीमत कोई बड़ी न लगे लेकिन एक Successful इंसान तो एक रुपए से करोड़ो की कम्पनी भी खड़ा कर देता हैं।

आखिर ये क्रिएटिव माइंडेड बंदा होते कैसे हैं इसमें सोंचने की शक्ति कहाँ से आती है ऐसे बहुत से सवाल आपके Mind पर आते होंगे अगर आपको भी उनके जैसा बनना है तो कोई ज्यादा बड़ी बात नहीं हैं Simple Step है आप भी अपने आसपास के माहौल को देखें किसी Problem के Solution के बारे में गहराई से सोंचे हर वो छोटी चीज जिनका उपयोग आप खाने में करते हैं काम में लेने के लिए करते हैं जरा उनके बारे में गहराई से सोंचे ये बना कैसा होगा, आखिर इसके बारे में किसने सोंचा होगा, फिर उसके बारे में Google में Search करें उसके Past में जाएं उसके अविष्कार की कहानियां पढ़ें जैसे जैसे आप किसी Product के सक्सेस होने की कहानियां आप पढ़ोगे आपका दिमाग भी उस दिशा में चलना शुरू हो जाएगा ।

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वह भी आपको किसी प्रॉब्लम के सोलुशन के लिए आपको आइडिया देगा. और एक दिन ऐसा भी होगा आपके Mind में आया छोटा सा आइडिया बड़ा कमाल कर जाएगा अगर आपको किसी की सफलता ही देखनी है तो आप कैंडी ‘पल्स’ की ही देंख लें इस PULSE ने आज की तारीख में अपना Business इतना बढ़ा लिया है की आज यह करोड़ो रुपए हर माह कमा लेता है वो भी आपसे केवल एक रुपए लेकर “पल्स” ने इतना बड़ा बिजनेस का ये आंकड़ा इतने कम समय में छू लिया जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड हो गया है।

कहाँ से आया आइडिया

‘पल्स’ को बनाने वाली कम्पनी ने देखा की पल्स के रूप में मार्केट में जो भी इस तरह के फ्लेवर में कैंडी मिल रहे हैं उनमें सीधे-सीधे मैंगो या ऑरेंज या किसी दूसरे फ्लेवर की कैंडी मौजूद हैं। इन सबके बीच अपना प्रोडक्ट उतारने से पहले कम्पनी ने कुछ अलग सोंचा और लोगों की रूचि देखी की किसके साथ लोग क्या खाने में मजा लेते हैं यहीं से कंपनी को आइडिया आया उसने सोंचा की लोगों को कच्चा आम खाने की आदत है। लेकिन कच्चा आम के साथ लोग कुछ न कुछ मसाला जरूर इस्तेमाल करते हैं इसी Idea को लेकर उन्होंने मार्केट में नया कैंडी जो दूसरों से हटकर हो उसे उतारने के बारे में फैसला लिया और उन्होंने कैंडी के अंदर कोई स्पेशल मसाला पाउडर मिक्स करने की सोची और फिर इसे मार्केट में लांच कर दिया

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मार्केट में मौजूद सभी कैंडी की कीमत जहाँ 50 पैसे थी वहीँ कम्पनी ने इसे 1 रुपए में उतारा कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट ने इसके पीछे की वजह के बारे में बताया वे कहते हैं की बाजार में और जितने भी कैंडी मौजूद हैं उनकी लाइफ साइकिल को अगर आप देखें तो वो जितनी देर तक आपके मुंह में रहता है एक ही तरह का स्वाद बरकरार रहता है।

लेकिन पल्स एक वक्त के बाद आपका कैंडी खाने का पूरा एक्सपीरियंस बदल देता है। दूसरे कैंडी जहाँ सामान्यतः 2-2.5 ग्राम की एक कैंडी 0.5 रुपये में बाजार में मिलती है तो वहीँ पल्स ने इसके वजन को 4 ग्राम किया ताकि मुंह में भी ज्यादा देर तक बना रहे।

कम्पनी ने हर Step बड़ी ही चालाकी से लिया उन्होंने उसे कैसे,कब लांच करना है उसके बारे में बहुत सोचकर फैसला लिया और उन्होंने सोंचा की “सामान्यतः देश में ज्यादातर वक्त तक गर्मी होती है और हमारा गला सूख रहा होता है। फिर मुंह में सलाइवा के लिए हमें कुछ चाहिए होता है। जिसके लिए हम कोई कैंडी ले लेते हैं।” पल्स कैंडी की शुरुआत गुजरात से होकर आज पूरे भारत में फ़ैल चुका है और आज इसकी सालाना कमाई करीब 150 करोड़ हो चुकी है अभी हाल ही में कम्पनी ने अपने दो साल के Business के बारे में जानकारी दी थी जिसमें कम्पनी ने बताया की उसने दो साल में 300 करोड़ की कैंडी बेचीं है और इस तरह इस कैंडी ने  एमएनसी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। केवल दो साल (2015) में बनी यह कम्पनी ने आज सबको अपने इनोवेशन से चकित करके रख दिया ।

आज कंपनी कैंडी मार्केट में एक लीडिंग ब्रांड हो गया है इस सक्सेसफुल स्टोरी को पढ़ने के बाद यह बात सिद्ध होती है की ‘इन्नोवेशन यानि जिस किसी ने भी कुछ अलग सोंचा कुछ हटकर करने का ठाना उसकी सफलता में कभी कोई शक नहीं रहा है। तो दोस्तों चलिए Good Day और आप भी कुछ क्रिएटिव सोंचे किसी छोटे आइडिया पर गहराई से सोंचे हो सकता है आप का आइडिया भी एक दिन आपको Successful बना दें ।   

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