टोल कम्पनी कर रहा था मनमानी, 5 रुपए ले रहा था एक्स्ट्रा, RTI से निकाली जानकारी और लगवाया 37 लाख का जुर्माना

दोस्तों आर.टी.आई (सूचना का अधिकार) इस कानून के बारे में मैंने आपको कुछ हद तक बहुत कुछ जानकारी देने का प्रयास किया है और मैं अपने RTI के इस सीरिज में आपको कुछ उदहारण भी देते रहता हूँ की कैसे किसी मामले में सूचना का अधिकार (RTI) लगाकर उसका भंडाफोड़ किया गया आप मेरे ब्लॉग के अगर नियमित पाठक हैं तो आपको मालूम होगा मैंने इससे पहले भी आर.टी.आई के इस सीरिज में आर.टी.आई. लगाने का तरीका भी बताया था मैं आपको आगे और भी कई उदहारण पेश करूँगा जिससे आपको किसी विभाग में यह आर.टी.आई. कैसे लगाना है किस तरह कोई जानकारी प्राप्त करना है आदि.

मैं आपसे हर समय बस यही बात कहते रहता हूँ की आप इस कानून की केवल जानकारी न लें बल्कि इसका प्रयोग भी एक दफा करके देखें फिर देखिए कैसे कमाल होता है ।

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चलिए आज मैं आपको इसी कड़ी में एक ऐसे शख्स का उदहारण पेश करता हूँ जिसने अपने एक जिद में आर.टी.आई लगाना सीखकर कैसे एक टोल कम्पनी को सबक सिखाया और उस टोल कम्पनी को 37 लाख रुपए जुर्माना तक लगवा दिया मैं यहाँ पर आपको राजस्थान के आरटीआई एक्टिविस्ट उत्तम शर्मा के बारे में बता रहा हूँ जिसने अब तक RTI के दम पर पांच से ज्यादा बड़े मामलों में कार्रवाई करवाई है. और अभी कई मामलों में कार्रवाई जारी है कई ऐसे बड़े मामले को उत्तम कुमार के द्वारा कोर्ट तक भी ले जाया गया है जो अभी विचाराधीन हैं ।

उत्तम कुमार ने इस RTI की लड़ाई 6 साल पहले शुरू की थी जब उत्तम कुमार लुधावई टोल पर कर्मचारी ने 5 रुपए ज्यादा लिया तब उसने इसका विरोध किया तब टोलकर्मी ने उत्तम जी से बोला की तेरे जैसे 360 आते हैं कानून की बात करने वाले बस यही बात उत्तम कुमार को लग गई और उसने टोल कम्पनी को सबक सिखाने की सोंच ली तब उत्तम कुमार ने आर.टी.आई के बारे में जानकारी ली और उस टोल कम्पनी के बारे में आर.टी.आई के जरिए पूरी जानकारी निकाला और उसके गड़बड़ी के बारे में खुलासा कर दिया ।

उत्तम कुमार के 4 महीनो के प्रयास की बदौलत आख़िरकार उस टोल कम्पनी ने अपनी गलती मान ली RTI से मिली जानकारी में टोल कम्पनी ने बताया था की उसने 1 जुलाई से 4 दिसंबर 2012 तक वाहनों से ज्यादा टोल वसूला. RTI से मिली जानकारी के आधार पर उत्तम कुमार ने टोल कम्पनी को NHAI के द्वारा 37 लाख 22 हजार का जुर्माना लगवाया.

उत्तम कुमार यही नहीं ठहरे उन्होंने कई ऐसे मामलों का भंडाफोड़ किया जो न जाने कब से दबे हुए थे शर्मा ने 2015 में एक RTI लगाई जो शहर के अन्दर मोबाइल टॉवरों को लेकर था RTI में उत्तम कुमार को जो जानकारी मिली उस जानकारी में 64 टॉवरों का रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ था जिसके बाद निगम ने उन टॉवरों पर कार्रवाई करते हुए उनके बिजली कनेक्शन काट दिए फलस्वरूप जो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे थे.

उन्हें रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ा और निगम के आय में भी इजाफा हुआ उत्तम कुमार शर्मा के आर.टी.आई (सूचना का अधिकार) की बदौलत निगम को उन प्रत्येक टॉवरों से 40 हजार रुपए का शुल्क मिला.

दोस्तों देखिए कैसे एक शख्स ने आर.टी.आई. से कितने बड़े बड़े लोगों के गड़बड़ी का पर्दाफाश किया RTI लगाना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है लेकिन इसके लिए आपको पहले शुरुआत तो करनी ही होगी मैं अपने स्तर पर मुझसे जितना हो सके आपको आर.टी.आई. के बारे में जानकारी देने का प्रयास करते रहता हूँ ।

दोस्तों मैं आपसे यही गुजारिश करूँगा की मेरे पोस्ट शेयर भी करें ताकि औरों को भी इस अति महत्वपूर्ण कानून के बारे में जानकारी हो. चलिए अगली पोस्ट में मिलेंगे

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